स्मार्ट मीटर-
ज्ञानपुर भदोही जब से स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुआ है उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है स्मार्ट मीटर के गलत बिलिंग के कारण सुधार करने के लिए लोग विभाग का चक्कर काटने के लिए मजबूर हो गए हैं अब तक दो डिवीजन में करीब 92 हजार घरों में मीटर लगा चुका है लेकिन इसमें तकनीकी कमियां और गलत बिलिंग के कारण उपभोक्ताओं की टेंशन बढ़ गई है।
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1. पहला मामला जमुनीपुर आठगवां का है जहां पूजा देवी ने बताया कि पहले हमारे घर में पुराने मीटर से बिल बनती थी और 8100 बकाया था जिसमें ₹2000 जमा किया गया तो उसके बाद ₹6100 बकाया था स्मार्ट मीटर लगते ही बिल 21000 रुपए का आ गया और हमारा कनेक्शन काट दिया गया उसके बाद से हम विभागीय कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ।
2. दूसरा मामला मधईपुर मोहल्ला निवासी रामनरेश मौर्य ने बताया कि एक सीएफएल और एक पंखा घर में लगा है। पुराने मीटर से 318 से 400 बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने पर बिल 2200 से ढाई हजार आने लगा है। सुधार के लिए शिकायत की गई, लेकिन अब तक सहीं नहीं हो सका।
3. तीसरा मामला गंगारामपुर के तेलों के नाथ बिंद का है उन्होंने बताया कि पहले 1 किलो वाट के कनेक्शन पर 200 से ढाई सौ रुपए बिल आता था जब से नया स्मार्ट मीटर लगा है उसके बाद से 1000 से ज्यादा का बिल आता है घर में सिर्फ पंख और लाइट का उपयोग किया जाता है उनका कहना है कि बिल रीडिंग से बिल नहीं बन रहा है।
स्मार्ट मीटर में आ रही दिक्कते।
1. रीडिंग में गलती- कई लोगों को मानना है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है जिससे ज्यादा बिल आता है।
2. रीडिंग ना हो पाना- कुछ क्षेत्रों में बिल की रीडिंग नहीं लिया जाता है और ऑटोमेटिक बिल लोगों के पास भेज दिया जाता है।
3. बिल ना आना- मीटर लगने के बाद भी कई महीनो तक बिल नहीं आता है जिससे लोगों की परेशानी बढ़ती है।
कालीन नगरी में बिजली बिल में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली निगम ने प्रीपेड मीटर लगाना शुरू किया। अब तक 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग गया। निगम का दावा है कि व्यवस्था बेहतर होगी, हालांकि धरातल पर स्थिति ठीक नहीं है।
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