उत्तर प्रदेश सरकार-
उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों द्वारा हो रहे आंदोलन और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ₹20000 की न्यूनतम मजदूरी की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश की सरकार आदित्यनाथ योगी ने स्पष्ट कर दिया है। इसे भी जानें।
योगी आदित्यनाथ जी ने 20000 की न्यूनतम मजदूरी की खबर को पूरी तरह से भ्रामक और यह आधार बताते हुए इसे खारिज कर दिया है। बताया गया है कि आप अफवाहों पर ध्यान ना दें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरी की दर जारी करते हुए यह भी बताया है कि किसी तकनीकी और कानूनी कारण से अभी राष्ट्रीय स्तर पर लागू नहीं हुआ है। जब तक राष्ट्रीय स्तर पर मजदूरी दर लागू नहीं हो जाती तब तक उत्तर प्रदेश सरकार लागू नहीं कर सकती।
भ्रामक खबरों-
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि न्यूनतम वेतन की खबरें सोशल मीडिया द्वारा जानबूझकर झूठी फैलाई जा रहा है और लोगों को भ्रमित किया जा रहा है
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन ₹11,313.65, अर्धकुशल के लिए ₹12,446 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹13,940.37 अधिसूचित है। सरकार ने इसे भ्रामक खबरें बताइए।
क्यों नहीं बढ़ पा रहा है वेतन?
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम वेतन के निर्धारण में कई कानूनी प्रक्रियाएं बाधा बनी हुई हैं। केंद्र सरकार वर्तमान में नई श्रम संहिताओं के तहत राष्ट्रीय स्तर पर 'फ्लोर वेज' (न्यूनतम आधार रेखा) निर्धारित करने की प्रक्रिया में है। जब तक केंद्र सरकार इसे अंतिम रूप नहीं दे देती, तब तक राज्य अपने स्तर पर व्यापक बदलाव नहीं कर पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार अभी नियोक्ता संगठनों और श्रमिक यूनियनों के साथ विचार-विमर्श के दौर में है। सभी पक्षों के सुझावों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि औद्योगिक विकास और श्रमिकों के हितों में संतुलन बना रहे।
अंतरिम वृद्धि का ऐलान
अंतरिम वृद्धि (Interim Hike) का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत नोएडा और गाजियाबाद के अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर ₹13,690 कर दिया गया है। यह वृद्धि तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि नया वेज बोर्ड अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं दे देता।
दोस्तों आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं।
0 टिप्पणियाँ