एक सप्ताह तक संसद में लगातार चला गतिरोध इसी बिल पर चर्चा की विपक्ष की सहमति के बाद टूटा, लेकिन विपक्ष विधेयक के प्रविधानों पर चर्चा की बजाए सरकार की घेराबंदी के निर्धारित लक्ष्य पर दिखाई दिया।
हंगामे-नारेबाजी, आरोप-प्रत्यारोप के बीच ही मंगलवार और बुधवार को मिलाकर लगभग दस घंटे की चर्चा लोकसभा में हुई। करीब 45 वक्ताओं ने अपने विचार रखे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोप सरकार और विपक्ष के तकरार की वजह बने।
सत्तापक्ष ने कहा कि राहुल बेबुनियाद,तथ्यहीन आरोप लगाकर भ्रमित करना चाहते हैं और वह मांफी मांगे। आखिरकार हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया तो वह मुख्यत: विपक्ष पर पलटवार था। बाद में विधेयक ध्वनिमत से लोकसभा से पारित हो गया। अब इसे गुरुवार को राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विशेष तौर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब दिया। नेता प्रतिपक्ष द्वारा सदन में ''इडियट'' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए मंत्री ने कटाक्ष भी किए।
नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर हैरानी है। उन्होंने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया, वह इतने असंसदीय हैं कि यदि कोई व्यक्ति या सदस्य अपने आप को भी इडियट समझे तो सदन में नहीं कह सकता।''
जितेंद्र सिंह
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह सामान्य संसदीय नियमों की जानकारी भी नहीं है। जब वह कहते हैं कि व्यक्ति विशेष के लिए इस शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे तो शंका पैदा होती है कि क्या छात्रों के लिए प्रयोग कर रहे हैं? यदि वह छात्रों को इडियट कह रहे हैं तो इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पास सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक प्रणाली के बिंदुओं का भी अभाव है। जब वह कहते हैं कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया और उसे प्रमाणित करने में नाकाम हैं तो सबसे पहली बात कि कहीं भी गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है।
0 टिप्पणियाँ