आज हम आपको गूलर के फूल का रहस्य बताने वाले हैं बहुत से लोगों को नहीं पता कि गूलर का फूल कहां पाया जाता है इसके बारे में बहुत सारे अफवाह है।
गूलर का फूल कहां होता है?
गूलर का फूल गूलर के फल के अंदर होता है लेकिन बहुत से लोग इस बात को नहीं जानते हैं की गूलर का फुल गूलर के अंदर होता है।
गूलर का फल एक बंद घड़े जैसा दिखता है, जिसके अंदर हजारों छोटे-छोटे नर और मादा फूल छिपे होते हैं जिसे हम गूलर का फल समझते हैं, वह वैज्ञानिक भाषा में साइकोनियम (Syconium) कहलाता है।
अफवाह-
गूलर के फूल के बारे में बहुत सारे अफवाह है कहा जाता है कि गूलर का फूल किसी को दिखाई नहीं देता है यह 12:00 बजे रात को निकलता है और तुरंत गायब हो जाता है और तो और कहा जाता है कि गूलर के फूल को जिस चीज में रखोगे वह चीज बढ़ती चली जाती है। आपको बता दे कि ऐसा कुछ नहीं होता है बस यह एक मनगढ़ंत कहानी और अफवाह है।
मुहावरा-
इसी वजह से गूलर के फूल पर एक मुहावरा बना है कि गूलर का फूल होना इसका मतलब है कि आसानी से ना दिखाई देने वाली चीज, या जल्दी दिखाई ना देना।
परागण की प्रक्रिया-
अभी सो कर हैरान हो रहे होंगे कि जब कलर का फूल रोलर के अंदर होता है तो परागण कैसे होता है तो आपको बता दे की एक विशेष प्रकार की ततैया (बर्र) इस फल के अंदर छोटे से छेद से प्रवेश करती है और वहीं परागण (Pollination) करती है।
0 टिप्पणियाँ