स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार से लोगों की जीवनशैली बदल रही है कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है। जैसे तंबाकू का बढ़ता उपयोग, प्रदूषण, कुछ पुराने संक्रमण और समय पर बीमारी की पहचान न हो पाने की वजह से खतरा और बढ़ता जा रहा है।
कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अब केवल तंबाकू से होने वाले कैंसर ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कैंसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जहां कई विकसित देशों में मोटापा कैंसर का प्रमुख कारण बन रहा है, वहीं भारत में तंबाकू से होने वाले कैंसर के साथ-साथ मोटापा, खराब खानपान और Physical inactivity से जुड़े कैंसर भी तेजी से बढ़ रहा है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी, पान मसाला और सुपारी का सेवन विशेष रूप से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ाता है। भारत में ओरल कैंसर सबसे आम कैंसरों में शामिल है।
बदलती लाइफस्टाइल भी बढ़ा रही खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, आजकल ब्रेस्ट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं,
जैसे-मोटापा -शारीरिक गतिविधि की कमी -असंतुलित भोजन -फास्ट फूड का अधिक सेवन -देर से शादी या गर्भधारण -हार्मोनल बदलाव -लंबे समय तक तनाव -शराब और प्रदूषण भी बन रहे कैंसर का कारण।
कुछ संक्रमण भी बढ़ाते हैं कैंसर का खतरा
भारत में कई प्रकार के कैंसर पुराने संक्रमणों से जुड़े पाए गए हैं। जैसे कि... HPV (Human Papillomavirus): सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण। Hepatitis B और Hepatitis C: लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। Helicobacter pylori: पेट के कैंसर से जुड़ा बैक्टीरिया।
देर से जांच
विशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। जागरूकता की कमी, जांच का डर, सामाजिक झिझक और नियमित स्क्रीनिंग न कराने के कारण कैंसर का पता अक्सर तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है।
ऐसी स्थिति में इलाज कठिन हो जाता है और ठीक होने की संभावना भी कम हो जाती है।
कैंसर से बचने के लिए उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि हर कैंसर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कई मामलों में जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
1.किसी भी प्रकार का तंबाकू बिल्कुल न लें।
2.राब का सेवन सीमित रखें या पूरी तरह छोड़ दें।
3. रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम करें।
4. नियत वजन बनाए रखें।
5.भोजन में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर शामिल करें।
6.अधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं।
7.डॉक्टर की सलाह के अनुसार HPV और Hepatitis B का टीका लगवाएं। उम्र के अनुसार ब्रेस्ट, सर्वाइकल, कोलोरेक्टल और मुंह के कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग कराएं।
8. यदि परिवार में कैंसर का इतिहास है तो नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
1. बिना वजह वजन कम होना -शरीर में गांठ महसूस होना
2.लगातार मुंह का घाव या छाला हो
3.असामान्य रक्तस्राव -लंबे समय तक खांसी
4.मल या पेशाब की आदतों में बदलाव
5.लगातार कमजोरी या थकान
6.20 वर्ष की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 20 वर्ष की उम्र के बाद हर साल सामान्य स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
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