इजरायल की स्थिति
इसराइल (इब्रानी) मध्य पूर्व में स्थित एक देश है। यह दक्षिणपूर्व भूमध्य सागर के पूर्वी छोर पर स्थित है। इसके उत्तर में लेबनान, पूर्व में सीरिया और जॉर्डन तथा दक्षिण-पश्चिम में मिस्र देश स्थित हैं।
इसराइल विश्व राजनीति और इतिहास की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इतिहास और प्राचीन ग्रन्थों के अनुसार यहूदियों का मूल निवास रहे इस क्षेत्र का नाम ईसाइयत, इस्लाम और यहूदी धर्मों में प्रमुखता से लिया जाता है।
यहूदी, मध्य पूर्व और यूरोप के कई क्षेत्रों में फैल गए थे। उन्नीसवीं सदी के अन्त में तथा फिर बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में यूरोप में यहूदियों के ऊपर किए गए अत्याचार के कारण यूरोपीय (तथा अन्य) यहूदी अपने क्षेत्रों से भाग कर यरूशलम और इसके आसपास के क्षेत्रों में आने लगे। सन् 1948 में आधुनिक इसराइल राष्ट्र की स्थापना हुई।
नाम कैसे पड़ा?
इसराइल' शब्द का प्रयोग बाईबल और उससे पहले से होता रहा है। बाईबल के अनुसार ईश्वर के फ़रिश्ते के साथ युद्ध लड़ने के बाद जैकब का नाम इसराइल रखा गया था।
इसराइल एक प्रभुसत्तासम्पन्न गणराज्य है जिसकी स्थापना 14 मई 1948 ई के घोषणा के आधार पर हुई है। 1949 ई. में इसराइली संसद (सेनिट) ने संक्रमण कानून पारित किया, जो सामान्य शब्दावली के माध्यम से संसद, राष्ट्रपति तथा मन्त्रिमण्डल के अधिकारों की व्याख्या करता है।
1950 ई. में संसद ने समय-समय पर मूल नियमों को अधिनियमित करने का प्रस्ताव पारित किया। यही अधिनियमित मूल नियम समग्र रूप में इसराइल के संविधान के नियामक हैं। संसद में इसराइली राष्ट्र तथा राष्ट्रपति से संबद्ध इन मूल नियमों को क्रमश: 1958, 1960, तथा 1964 ई. में पारित किया गया।
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