यदि हम पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा की सबसे ज्यादा नजर पश्चिम बंगाल राज्य पर थी 1 माह से चल रहे संघर्ष चुनाव में भाजपा के सभी दिग्गज नेता पश्चिम बंगाल में प्रचार करने उतर गए।
कौन बने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री-
पश्चिम बंगाल में 4 मई को आए चुनावी नतीजे के बाद भाजपा ने पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी बहुमत हासिल की।
ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।
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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं की मौजूदगी में बांग्ला भाषा में शपथ लिये। और उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ लिए।
शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट किया, "पश्चिम बंगाल के लिए यह सचमुच एक ऐतिहासिक सुबह है। उन्होंने 'सिटी ऑफ़ जॉय' में लोकप्रिय नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत किया। और कहा कि आज, आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनते हुए, हम अपने संस्थापक पुरखों के सपनों को साकार होते देख रहे हैं।
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित शाह ने विधायक दल की बैठक की और शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
इसके बाद शुक्रवार शाम उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस बार पश्चिम बंगाल राज्य में पहली बीजेपी सरकार बनी।
4 मई को क्या हुआ-
चार मई को पश्चिम बंगाल में आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज करके बहुमत हासिल किया।
8 मई को क्या हुआ?
आठ मई को विधायक दल का नेता चुनने के लिए बीजेपी ने कोलकाता में विधायक दल की बैठक बुलाई इस बैठक में बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में घोषणा की कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करते हुए कहा ये पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार है
लेकिन चार मई के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है।
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव में बेईमानी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था।
हालांकि इस पर बीजेपी ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है
4 मई को शुरुआती रुझानों के बाद ही ममता बनर्जी ने बयान जारी कर टीएमसी के वोटिंग एजेंट्स से काउंटिंग सेंटर पर ही रहने की अपील की।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर यह कहा कि मैं हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि कोई भी काउंटिंग सेंटर से दूर नहीं जाएगा उन्होंने अभी कहा कि चुनाव आयोग पहले उनके नतीजे दिखाएंगे फिर हमारी पार्टी के नतीजे दिखाएंगे।
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