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सेंधा नमक या सफ़ेद नमक कौन खाने के लिए फायदेमंद

              यदि नमक की बात की जाए तो ज्यादातर लोग मानते हैं कि सफेद नमक (White Salt) के मुकाबले सेंधा नमक खाने से ज्यादा फायदेमंद होता है आप किस नमक को खा रहे हैं इसके अलावा आपको यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि आप कितना नमक खा रहे हैं। 
              ऐसे में बैलेंस्ड डाइट के लिए सोडियम इंटेक को कम करना बहुत जरूरी होता है इसीलिए सही नमक चुनना सेहत को दुरुस्त रखने में मददगार होता है।
         आपको अपने खानपान में सेंधा नमक (Pink Salt) शामिल करना चाहिए या सफेद नमक आप भी जान लीजिए डॉक्टर के अनुसार कौन सा नमक बेहतर होता है। 
सेंधा नमक अच्छा है या सफेद नमक

            डॉ. विपुल बताते हैं कि सफेद नमक एक रिफाइंड नमक होता है जिसके अंदर आयोडीन मिलाया जाता है जोकि थायराइड और दिमाग के लिए बेहद जरूरी होता है जबकी सेंधा नमक में आयोडीन नहीं होता है डॉक्टर कहते हैं कि प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को आयोडीन मिलना बेहद जरूरी है। 

             आपको बता दे कि सफेद नमक और सेंधा नमक दोनों का ही बेस कंपाउंड सोडियम क्लोराइड है सेंधा नमक कम खारा होता है इसीलिए इसे खाने में ज्यादा मात्रा डालना पड़ता है ऐसे में ओवरऑल सोडियम का कंजंप्शन देखा जाए तो सफेद नमक में सेंधा नमक से ज्यादा होता है क्योंकि खाने में स्वाद के लिए सेंधा नमक ज्यादा डालना पड़ता है। 

                 सेंधा नमक में एक्स्ट्रा मिनरल्स यानी खनिज होते हैं क्योंकि यह रिफाइंड नहीं होता है लेकिन, ये खनिज इतनी कम मात्रा में होते हैं कि इससे कोई खास फायदा नहीं मिल पाता है। 

सेंधा नमक खाना चाहिए या सफेद नमक
              डॉक्टर की सलाह है कि खाने में सफेद नमक ही रखें लेकिन इसकी मात्रा को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है जिन चीजों में नमक ज्यादा पड़ता है जैसे चटनी, आचार या सांभर वगैरह और जितनी भी प्रीजर्व्ड चीजें हैं उन्हें अपनी डाइट में कम से कम रखना चाहिए। 

सेंधा नमक क्या होता है? 
                 सेंधा नमक को पिंक सॉल्ट या हिमालयन रॉक सॉल्ट भी कहा जाता है यह नमक बिना शुद्ध और बिना रिफाइंड किए बेचा जाता है और इसका सेवन किया जाता है, सफेद नमक को जिस तरह रिफाइंड या प्रोसेस किया जाता है उस तरह सेंधा नमक को रिफाइंड या प्रोसेस नहीं किया जाता है। 
                इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं वहीं, अगर व्यक्ति सफेद नमक के बजाय हमेशा सेंधा नमक खाता है तो शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है और थायराइड की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। 






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