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Full Form Of GPS, जीपीएस कैसे काम करता है?

Full Form Of GPS
                           जीपीएस (GPS) का पुरा नाम Global Positioning System [ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम] होता है। इसको हिंदी में वैश्विक स्थिति-निर्धारण प्रणाली कहा जाता है।
                 यह एक उपग्रह (Satellite) आधारित नेविगेशन प्रणाली है जो पृथ्वी पर या उसके आस-पास की किसी भी वस्तु या व्यक्ति की सटीक स्थिति (Location), गति और समय की जानकारी देता रहता है। यह तकनीक स्मार्टफोन, कार नेविगेशन सिस्टम और विमानों में दिशा खोजने के लिए उपयोग किया जाता है।
            जीपीएस का उपयोग बहुत से लोग रास्ता सर्च करने, कैब बुक करने, खाना ऑर्डर करने या किसी फ्रेंड की लोकेशन जानने के लिए करते हैं। 
GPS कैसे काम करता है?

1. सबसे पहले सैटेलाइट सिग्नल भेजता है
धरती के चारों तरफ कई GPS सैटेलाइट कंटीन्यू चक्कर लगा रहे हैं। ये सैटेलाइट लगातार रेडियो सिग्नल भेजते रहते हैं। हर सैटेलाइट अपने सिग्नल में यह मैसेज भेजता है कि वह इस समय कहां है और उसने सिग्नल कब भेजा।

2. आपका फोन उन सिग्नलों को पकड़ता है जब आपके फोन में GPS ऑन होता है, तब वह आसपास मौजूद GPS सैटेलाइट के सिग्नल प्राप्त करता है। फोन खुद कोई सिग्नल सैटेलाइट को नहीं भेजता, बल्कि उनके भेजे गए सिग्नलों को सुनता है।

3. टाइम के आधार पर डिस्टेंस मापी जाती है रेडियो सिग्नल प्रकाश की गति से चलते हैं। फोन यह पता लगाता है कि सिग्नल को सैटेलाइट से उसके पास पहुंचने में कितना समय लगा। इसी समय के आधार पर फोन हर सैटेलाइट से अपनी डिस्टेंस का अनुमान लगाता है।

4. कम से कम 4 सैटेलाइट से मिलती है राइट लोकेशन ,अगर मोबाइल को सिर्फ एक सैटेलाइट का सिग्नल मिले, तो सही लोकेशन का पता नहीं चलता। आमतौर पर कम से कम 4 सैटेलाइट के सिग्नलों की हेल्प से मोबाइल सटीक रिजल्ट, ऊंचाई और समय का अनुमान लगाता है। 

5. फिर Google Maps रास्ता कैसे दिखाता है?
             GPS सिर्फ आपकी लोकेशन बताता है। इसके बाद Google Maps या अन्य मैप ऐप उस लोकेशन की तुलना अपने डिजिटल मैप से करते हैं और आपको सबसे अच्छा रास्ता दिखाते हैं। 

क्या GPS बिना इंटरनेट के काम करता है?
जी हां, GPS सैटेलाइट से लोकेशन लेने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर आपको लाइव मैप, ट्रैफिक अपडेट या नई जगह का मैप देखना है, तो इंटरनेट की जरूरत पड़ सकती है।

क्या GPS 100% सही होता है?
            GPS 100% सही नहीं होता है ऊंची बिल्डिंग्स, घने जंगल, सुरंग, खराब मौसम या वीक सिग्नल जैसी कंडीशन में GPS की सटीकता (accuracy) कुछ मीटर तक अफेक्टेड या प्रभावित हो सकती है। जिससे आपको सही लोकेशन नहीं मिल पाती है। 

GPS को लेकर कुछ आंकड़े

          GPS में कम से कम 24 सैटेलाइट का नेटवर्क होता है। अमेरिकी GPS सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि किसी भी टाइम पृथ्वी पर हर जगह कई सैटेलाइट मौजूद रहें। मौजूदा टाइम में GPS के ऑपरेशन के लिए अंतरिक्ष में 30 से अधिक उपग्रह लगातार वर्क कर रहे हैं।

GPS सैटेलाइट लगभग 20,200 किमी की ऊंचाई पर घूमते हैं। यहीं से वे लगातार धरती की ओर सिग्नल भेजते रहते हैं।

कुछ लेखों में "जीपीएस" का उल्लेख एक संस्था के रूप में भी किया गया है, जैसे कि ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान जीपीएस, जो प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के लिए जागरूक करने का काम करता है। 







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