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102 साल बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

           दुनिया में आम तौर पर किसी व्यक्ति की मौत के कुछ घंटे या कुछ दिनों के भीतर अंतिम संस्कार कर दिया जाता है लेकिन इतिहास में कई ऐसे नेता हुए, जिनका अंतिम संस्कार उनके निधन के काफी दिनों बाद किया गया तो चलिए जानते हैं कि कौन है जिनका 102 साल बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ। 
नहीं हुआ अंतिम संस्कार-
        दुनिया में एक ऐसे भी नेता रहे हैं, जिनकी मौत के 102 साल बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ उनका पार्थिव शरीर आज भी लाखों लोगों के लिए सार्वजनिक रूप से रखा हुआ है। 

            हम बात कर रहे हैं रूस की क्रांति के महानायक व्लादिमीर इलिच लेनिन की। 21 जनवरी 1924 को उनका निधन हुआ था, लेकिन आज भी उनका शव मॉस्को के रेड स्क्वायर स्थित लेनिन म्यूजोलियम में कांच के विशेष ताबूत में रखा हुआ है. हर साल हजारों पर्यटक और इतिहास प्रेमी इसे देखने पहुंचते हैं। 
                  
कौन थे लेनिन?
                   व्लादिमीर लेनिन का जन्म 22 अप्रैल 1870 को रूस में हुआ था उन्होंने 1917 की बोल्शेविक क्रांति का नेतृत्व किया, जिसने रूस के राजतंत्र का अंत कर दिया इसी क्रांति के बाद दुनिया का पहला कम्युनिस्ट देश सोवियत संघ (USSR) अस्तित्व में आया लेनिन सोवियत संघ के पहले प्रमुख बने और उन्होंने ऐसी राजनीतिक व्यवस्था की नींव रखी, जिसे बाद में दुनिया के कई देशों ने अपनाया। 

मौत के बाद क्या हुआ?

21 जनवरी 1924 को 53 वर्ष की उम्र में लेनिन का निधन हो गया शुरुआत में सरकार ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की थी, लेकिन लाखों लोग उन्हें अंतिम बार देखना चाहते थे सर्दियों का मौसम होने की वजह से शव कई दिनों तक सुरक्षित रहा इस दौरान लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई
              इसके बाद तत्कालीन सोवियत नेतृत्व ने फैसला किया कि लेनिन के शरीर को हमेशा के लिए संरक्षित रखा जाएगा

102 साल से कैसे सुरक्षित है शव?

            यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है कि आखिर एक इंसानी शरीर एक सदी से भी ज्यादा समय तक बिना सड़े-गले कैसे सुरक्षित रह सकता है? इसका जवाब आधुनिक विज्ञान और लगातार होने वाली देखभाल में छिपा है. लेनिन के शव को संरक्षित करने के लिए केवल फॉर्मेलिन लगाकर नहीं रखा गया सोवियत वैज्ञानिकों ने इसके लिए बिल्कुल अलग तकनीक विकसित की उन्होंने शरीर से रक्त और अन्य तरल पदार्थ निकालकर विशेष रासायनिक घोल का इस्तेमाल किया, जिससे शरीर के टिश्यू लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें

क्या पूरा शरीर असली है?

यह सवाल भी अक्सर पूछा जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार लेनिन के शरीर का बड़ा हिस्सा असली है, लेकिन कई दशकों की देखभाल के दौरान कुछ ऊतकों और बाहरी हिस्सों को संरक्षित या पुनर्निर्मित किया गया है इसलिए आज दिखाई देने वाला शरीर पूरी तरह वैसा नहीं है, जैसा 1924 में था, लेकिन उसका अधिकांश हिस्सा मूल शरीर ही माना जाता है। 

             आपको बता दे कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई का नाम भी इन्हीं नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गया है 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई थी हालांकि तब देश जंग में घिर चुका था और इस कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। 

           अब जंग की धुंध छट चुकी है और अब खामेनेई के निधन के 116 दिन बाद 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।  116 दिनों तक खामेनेई के शव को किसी गुप्त स्थान पर संरक्षित करके रखा गया था। 







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